Shraman Sangh Muniji

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Tatv Chintak Shri Utam Muni Ji Maharaaj (तत्व चिंतक श्री उतम मुनि जी म.सा.)

Brief Introduction

  सामान्य विवरण
Tatv Chintak Shri Utam Muni Ji Maharaa तत्व चिंतक श्री उतम मुनि जी म.सा.
23-03-1965
 
मुसीदाड़ा ( क्षिमिरे )
पुतली बाज़ार स्याअजा
गण्डकी अंचल ( नेपाल ) पंडित जी श्री विचक्षण मुनि जी म.सा.
वाचनाचार्य श्री विशाल मुनि जी म.सा. गुरु निहाल परिवार, पंजाब परम्परा, घोर तपस्वी श्री निहालचंद जी म.सा.
1 वर्ष 26-04-1982, अक्षय तृतीया, सराय ( उतर प्रदेश )
भीष्म पितामह तपस्वी रत्न श्री सुमति प्रकाश जी म.सा.
जैन साहित्य, जैन सूत्र एम. ए. हिन्दी ( साहित्य में ) मानस गंगोत्री विश्व विघालय मैसूर
जैन धर्म के उतम तत्व
उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश,  

 

  चातुर्मास विवरण तालिका
1982 - उतर प्रदेश
1983 - दिल्ली
1984 - रोपड़
1985 - बड़ौत ( उतर प्रदेश )
1986 - दिल्ली
1987 - धुले
1988 - के.जी.सी.
1989 - कोयंबटूर
1990 - चेन्नई
1991 - बेंगलोर
1992 - मैसूर
1993 - कोप्पल
1994 - जालना
1995 - घोदनदी
1996 - नासिक
1997 - अहमद नगर
1998 - बीड़
1999 - इचलकरंजी
2000 -
2001 -
2002 -
2003 -
2004 -
2005 -
2006 -
2007 -
2008 -
2009 -
2010 -
2011 -
2012 -
2013 -
2014 -
2015 -
2016 -
2017 -
   

 

आपकी प्रेरणा से संचालित संस्था का नाम, संस्था के पदाधिकारी का नाम, पद, शिक्षा, आयु व पता

 

अन्य विवरण
तेला, पचौला, अठाई आदि
श्री ईश्वरी प्रसाद सुबेदी श्री मान मुक्तिनाथ जी सुबेदी
श्री मति लेवत देवी जी सुबेदी श्री तारा प्रसाद जी, श्री हरिकांत जी, श्री तोम नारायण जी, श्री राम प्रसाद जी, श्री मित्रबंधु जी
साध्वी गीता जी म.सा., श्री मीना जी अर्पाल, श्री सीता जी कोइराला गोत्र - भारद्धाज, उपाध्याय, ब्राह्मण वंश - सुबेदी
मुसीदाड़ा ग्राम,पुतली बाज़ार,
नगर पालिका, वार्ड न. 10,
मुसीदाड़ा क्षिमिरे, जिला - स्याअजा
गण्डकी अंचल, नेपाल
   

 

  धर्म के माता पिता का नाम व पता
 श्री मान सुशील जी जैन  
     

 

 आपकी सेवा में रहने वाले सेवक कि जानकारी
   

 

 साधु साध्वी का संदेश
तप त्याग से जीवन मे निखार आ जाता है ।
कर्मो के बंधन रुक जाते है, आत्मा पवित्र बनती है ।
अत : यथाशक्ति तप त्याग को जीवन में स्थान देना चाहिए ।